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Eastern Peripheral Expressway

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Re: Eastern Peripheral Expressway

Postby dheerajjain » Thu Jun 07, 2012 10:18 pm

That is a great news @pgarg. Finally, EPE is set to roll and good news is that motorists will NOT get greatly exploited.
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dheerajjain
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Re: Eastern Peripheral Expressway

Postby yadav_ajay » Sat Jun 09, 2012 9:42 am

Finally, WPE would start in May'2013, a new deadline.

Source : Dainik Jagran, dated 09th June'12

पश्चिमी एक्सप्रेस-वे अगले साल मई तक चालू होगा
राज्य ब्यूरो नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में यातायात का बोझ कम करने के लिए बन रहे पश्चिमी एक्सप्रेस-वे अगले साल 31 मई से पहले चालू हो जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय शुक्रवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच हुई बैठक में लिया गया। दिल्ली सचिवालय में हुई इस बैठक में तय किया गया कि इस एक्सप्रेस-वे पर 52 किलोमीटर लम्बा मानेसर - पलवल भाग यातायात के लिए अगले 100 दिन में खोल दिया जाएगा। इस पर 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। बैठक में शामिल निर्माण एवं संचालन करने वाली कंपनी (कनसेशनेयर) ने भरोसा दिलाया कि इस परियोजना को पूरा काम 31 मई, 2013 से पहले पूरा हो जाएगा। बैठक में दीक्षित ने कहा कि कुंडली से मानेसर मार्ग को पूरा करना महत्वपूर्ण है ताकि चार राष्ट्रीय राजमार्गो को सही तरीके से जोड़ा जा सके और यातायात को दिल्ली के बाहर से जाने का मार्ग दिया जा सके। बैठक में दीक्षित ने पश्चिमी एक्सप्रेस-वे को चालू करने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी में वायु की गुणवत्ता में लगातार गिरावट आ रही है। इसका कारण यह है कि दिल्ली के रास्ते अन्य राज्यों में जाने वाले वाहन राजधानी से होकर गुजरते हैं और एनसीआर के नगरों से रोज 10 लाख वाहन दिल्ली में आते-जाते हैं। पश्चिमी एक्सप्रेस-वे चालू करने में देरी से इस परियोजना का मूल उद्देश्य विफल हो जाएगा। उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री हुड्डा ने कनसेशनेयर से एचएसआइडीसी के साथ सभी मुद्दे सद्भावपूर्वक हल करने और पश्चिमी एक्सप्रेस-वे चालू करने की सही तिथि बताने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे के लिए 3354 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इस पर चार लेन का मार्ग होगा जिसे छह लेन का किया जा सकेगा। कई पुल भी बनाए जा रहे हैं। बैठक में सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के अध्यक्ष भूरेलाल ने पश्चिमी एक्सप्रेस-वे को जल्द चालू करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाई जा सकेगी। यदि यह परियोजना जल्द शुरू नहीं की गई तो दिल्ली में वायु प्रदूषण 2001-02 के स्तर तक पहुंच जाएगा।
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Re: Eastern Peripheral Expressway

Postby pgarg2000 » Sat Jun 09, 2012 8:15 pm

so this is the 10th deadline which has been given to co. and I can bet all my money that this deadline will also be missed.
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Re: Eastern Peripheral Expressway

Postby pgarg2000 » Thu Jun 14, 2012 10:19 am

http://economictimes.indiatimes.com/new ... 097819.cms

Govt to award 'Eastern Peripheral Expressway' this fiscal

NEW DELHI: The government's ambitious 'Eastern Peripheral Expressway' connecting Sonipat, Ghaziabad and Palwal would be a part of the Road Ministry's target of awarding 9,500 km projects in 2012-13.

National Highways Authority of India ( NHAI) is likely to invite bids for the Eastern Peripheral Expressway (EPE) in the next 15 days.

"The toll rate issue has been resolved and the bids for EPE would invited in the next two weeks," a Road Ministry official told PTI.

According to sources,"EPE would be included in the 9,500 km target set by the PM for the current fiscal."

The Road Ministry awarded close to 8,000 km of highway projects in 2011-12.

Prime Minister Manmohan Singh in a recent meeting with the core sector ministries including Power, Coal, Shipping and Roads, set a target of awarding 9,500 km of highway projects in the current financial year (2012-13).

However, the issue of awarding this project was stuck as Road Ministry had suggested a premium of 50 per cent compared to normal toll rates in the expressway.

However, the Cabinet Committee on Infrastructure (CCI) and Public Private Partnership Appraisal Committee (PPPAC) approved levying of normal toll rates on EPE at par with other highways.

"The proposal of CCI and PPPAC has been accepted," sources said. This means that the normal toll rates would be charged at the EPE.

At present, according to the National Highway Fee Rules, 2008, toll - based on a 3 per cent fixed rate plus 40 per cent of yearly change in Wholesale Price Index -- is applicable on highways and expressways.

EPE envisages to provide signal-free connectivity between Ghaziabad and Faridabad, and Gautam Budh Nagar (Greater NOIDA) and Palwal.

A complementary Western Peripheral Expressway (WPE) also connects Kundli to Palwal via Manesar in Haryana.

The two expressways were planned in 2006 following a Supreme Court order to form a ring road outside Delhi for channelling non-Delhi bound traffic bypassing the national capital.
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Re: Eastern Peripheral Expressway

Postby rizgr8 » Thu Dec 06, 2012 10:01 am

http://navbharattimes.indiatimes.com/nh ... 494145.cms

बाईपास व एनएच भी जुड़ेंगे केजीपी से

Dec 6, 2012, 08.00AM IST
सचिन हुड्डा ॥ फरीदाबाद
आने वाले दिनों में फरीदाबाद के लोगों को यहां से होकर गुजरने वाले केजीपी (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) रोड का काफी फायदा मिलने वाला है। ऐसा इसलिए संभव होगा क्योंकि मास्टर प्लान 2031 में फरीदाबाद से गुजर रहे नैशनल हाइवे और बाईपास रोड की सीधी कनेक्टिविटी केजीपी से करने की प्लानिंग शामिल की गई है। इसके लिए 75 मीटर चौड़ा रोड बनाया जाएगा, जो नैशनल हाइवे को केजीपी से कनेक्ट करेगा। अभी तक केजीपी रोड पलवल में नैशनल हाइवे से कनेक्ट हो रहा था, लेकिन फरीदाबाद में कनेक्टिविटी हो जाने से इस रोड का यूज करने वालों को पलवल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मास्टर प्लान 2031 में केजीपी रोड को गांव मौजपुर के पास एक रोड से जोड़ा गया है। यह रोड गांव अटाली, दयालपुर, मच्छगर, सोताई, चंदावली और आईएमटी के सेक्टरों के पास से होता हुआ आगरा नहर को पार कर सेक्टर 65 के पास सीधा बाईपास रोड से जुड़ेगा। बाईपास रोड यहां से मलेरना रेलवे ओवरब्रिज से होता हुआ सेक्टर 59 के पास नैशनल हाइवे से कनेक्ट हो रहा है। ऐसा होने से नैशनल हाइवे से केजीपी रोड की सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। प्लान के मुताबिक, रोड की चौड़ाई 75 मीटर होगी और इसके दोनों तरफ 30 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट डिवेलप की जाएगी। रोड की लंबाई लगभग 14 किमी होगी। यह रोड फरीदाबाद में सेक्टर 112-61, 141-62, 140-65, 111-66, 118-116, 119-115, 120-114 और सेक्टर 121-113 के बीच से होकर गुजरेगा।
डीटीपी संजीव मान ने बताया कि मास्टर प्लान में बाईपास रोड और नैशनल हाइवे को केजीपी रोड से कनेक्ट करने की संभावनाओं को शामिल किया गया है। इसके लिए 75 मीटर चौड़ा रोड बनाने की प्लानिंग की गई है। राज्य सरकार से मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने के बाद ही इस योजना को लागू किया जा सकेगा।
केजीपी रोड सोनीपत के कुंडली से शुरू होकर यूपी के बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर से होते हुए फरीदाबाद से गुजर कर पलवल में नैशनल हाइवे 2 से कनेक्ट होता है। यहां से केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) रोड की शुरुआत होती है। इन सड़कों के बन जाने के बाद एनसीआर के चारों तरफ एक सर्कल बन जाएगा, जिससे लोग एनसीआर की भीड़भाड़ से बच कर सफर कर सकेंगे। 135 किमी लंबे इस केजीपी रोड का लगभग 9 किमी लंबा हिस्सा फरीदाबाद से गुजर रहा है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के नाम से जाने वाला यह रोड फरीदाबाद के फज्जुपूर खादर, शाहजांपुर, साहुपुरा, दुल्हेपुर, जफरपुर, मोटूका, अरूआ, मौजपुर, चांदपुर, छायंसा, नरियाला, नरहावली, अहमदपुर, मोहना, हीरापुर व अटेरना आदि गांवों से गुजर रहा है।
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Construction of Eastern Peripheral Expressway remains blocked

Postby dheerajjain » Fri Dec 21, 2012 6:31 am

DTCP keeps on giving example of Eastern Peripheral Expressway whenever GFWA asks about connecting Faridabad to NOIDA. But, Eastern peripheral expressway remains a dead project. It is high time that DTCP comes out of this dead project and work with NOIDA authority for connecting Faridabad to NOIDA. Dainik Jagran reports:

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/noida-9955337.html

पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण की बाधा दूर नहीं
Updated on: Tue, 18 Dec 2012 08:04 PM (IST)
संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर जमीन पर कब्जा लेना आसान नहीं होगा। वैसे पेरीफेरल का निर्माण मार्च 2009 में शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं शुरू हुआ और जल्द शुरू होने की उम्मीद भी नहीं लग रही है। किसान किसी भी कीमत पर जमीन पर कब्जा देने को तैयार नहीं हो रहे हैं। नए जमीन अधिग्रहण कानून के लागू हो जाने के बाद जमीन पर कब्जा लेना और मुश्किल भरा कदम साबित होगा।

गौरतलब है कि दिल्ली में बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी के चारों तरफ ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे बनाने का निर्णय 2007 में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया था। एक्सप्रेस-वे हरियाणा के सोनीपत जिले से शुरू होकर बहादुरगढ़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, फरीदाबाद, गुड़गांव व पानीपत आदि की सीमा से होते हुए वापस सोनीपत पहुंचेगा। इसकी लंबाई 135 किलोमीटर होगी और यह छह लेन का होगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर करीब 27 सौ करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। एक्सप्रेस-वे के लिए छह जिलों की 957 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया है। इनमें गौतमबुद्धनगर जिले के सबसे ज्यादा 16 गांवों की कुल 737 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया 2008 में शुरू हो गई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जिला प्रशासन के माध्यम से 16 गांवों की जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया है, लेकिन फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया है। किसान ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर मुआवजा व अन्य सुविधाएं की मांग कर रहे हैं। जिला प्रशासन व राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण अधिकारियों के साथ किसानों की कई दौर की बैठक हो चुकी है। किसानों ने ग्रेनो के 39 गांवों की तर्ज पर 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा व दस फीसद विकसित भूखंड देने की मांग करने लगे हैं। नए जमीन अधिग्रहण का मसौदा केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर होने के बाद अब किसान सर्किल रेट का छह गुना मुआवजा देने की मांग उठाने लगे हैं। ऐसे में अब एक बार फिर पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण में बाधा शुरू हो गई है।
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