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Builders Beware: Former Haryana Minister Denied Bail

Postby dheerajjain » Tue Oct 15, 2013 7:16 am

Builders may be thinking that they can get manipulated charge sheets filed by Police under influence of Political and Money power and will get Bail. But, this is not the rule of law. In a landmark decision denying Bail to former Minister, Court ruled "..Grant of bail is not a mathematical equation oblivious to the fair criminal trial and larger public interest... "

http://www.hindustantimes.com/India-new ... 35194.aspx

Former Haryana minister Gopal Kanda, an accused in airhostess Geetika Sharma suicide case, was on Monday denied bail by a Delhi court which said the stage of the trial is at the threshold and considering his power and status, his mere presence is likely to intimidate witnesses.

“I am not inclined to release accused Gopal Goyal Kanda on bail,” additional sessions judge MC Gupta said having regard to “the serious and grave nature of allegations against the accused and also that the recording of the prosecution evidence is on the threshold and material and public witness, inclusive of witnesses who are/were employees of accused, are yet to be examined...

A sitting MLA from Sirsa, Kanda had sought bail saying the investigation pertaining to him is complete, the police have already filed the chargesheet and he has been in custody since August 2012.

To this, the court said, “Grant of bail is not a mathematical equation oblivious to the fair criminal trial and larger public interest wherein mere submission like investigation is complete, charge sheet has been filed, there are large number of witnesses, completion of trial will take time and the accused is running in judicial custody for long, will not automatically lead to setting the accused at liberty on bail.

The ASJ, however, noted that nothing in his order shall amount to expression of opinion on the merits of the case.

Kanda and his employee Aruna Chadha are facing charges of abetting suicide of Geetika Sharma, who was employed in Kanda’s MDLR airlines.

The duo has also been charged with forgery for cheating and harming the reputation of the victim and booked under the Information Technology Act for sending fake e-mails to her.

On October 4, Kanda had surrendered before the court after his month-long interim bail to attend Haryana Assembly session expired and the court refused to extend the same. He had then moved a plea for regular bail.
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dheerajjain
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Re: FIR against Piyush Group in Faridabad

Postby dheerajjain » Tue Oct 15, 2013 11:07 pm

News Coverage by Dainik Bhaskar on front page of Faridabad Bhaskar on Saturday. Thanks a lot! to Media Community who have been supporting middle class buyers in their fight against injustice and loot.

Source : Dainik Bhaskar, Saturday, October 12, 13

भास्कर न्यूज. फरीदाबाद

नहरपार पीयूष बिल्डर ग्रुप (पीयूष हाइट्स) के तीन डायरेक्टरों के मामले के जांच अधिकारी जेएमआईसी रितू यादव की कोर्ट में पेश हुए। इसके खिलाफ कोर्ट द्वारा जमानती वारंट जारी हो चुके थे। कई बार कोर्ट ने इनको बुलाया लेकिन वे हाजिर नहीं हो रहे थे। अब कोर्ट में जांच अधिकारी द्वारा उक्त मामले में रिपोर्ट पेश करने के लिए 1 नवंबर 2013 का समय मांगा है। कोर्ट ने इस मामले के जांच अधिकारी द्वारा धोखाधड़ी की कुछ धाराएं हटाने पर इनको तलब किया था। कोर्ट ने जांच अधिकारी को आदेश दिए हैं कि इस मामले की आगे की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट को दी जाए और धाराएं हटाने को लेकर जवाब भी मांगा है।


॥मुझे कोर्ट पर पूरा विश्वास है। इस केस में जांच अधिकारी बदलते रहते हैं। अबकी बार कोई और जांच अधिकारी पेश हुआ है। अब पुलिस को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी ही होगी। तुलींदर, पीडि़त।

॥अब कोर्ट में जांच अधिकारी बताएंगे कि उन्होंने कैसे कुछ धाराएं हटा दी। इसके बाद अब तक की गई जांच का ब्यौरा भी कोर्ट के पास आ जाएगा। अजय शर्मा, वकील, पीडि़त पक्ष


॥मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। पुलिस द्वारा इस मामले की जांच की गई है और जांच के बाद ही कुछ धाराएं हटाई गई हैं। अनिल गोयल, डायरेक्टर, पीयूष ग्रुप।


क्या है मामला: सेक्टर-33 में रहने वाले तुलींद्र कटोच ने 11 जनवरी 2013 को दर्ज कराए मामले में बताया है कि उन्होंने 2006 में सेक्टर-89 स्थित पीयूष हाइट्स ग्रुप में एक फ्लैट 19 लाख 72 हजार रुपए में बुक कराया था।

तुलींद्र ने बताया कि इस ग्रुप के डायरेक्टर सेक्टर नौ में रहने वाले अनिल गोयल, उनके बेटे पुनीत गोयल व अमित गोयल हैं। ग्रुप के एक हजार से अधिक फ्लैट हैं और 16 टॉवर हैं। आरोप है कि उनके सहित सैकडों लोग ऐसे हैं जिनके साथ इस ग्रुप के डायरेक्टरों ने धोखाधड़ी की है। तुलींद्र के अनुसार फ्लैट बुक कराने के बाद इस ग्रुप के डायरेक्टरों ने उनसे ईडीसी (बाह्य विकास शुल्क) के नाम पर अधिक वसूली के नोटिस भेजे जाने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं ओपन पार्किंग को भी बिल्डर द्वारा बेचा जाने लगा। इसके अलावा फ्लैट की जगह के अलावा बिल्डर अवैध निर्माण करने लगे। सबसे बड़ी बात तो यह भी कि इस बिल्डर ने कई साल तक अपना लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया। उन्होंने ग्रुप के तीनों डायरेक्टरों के खिलाफ भूपानी थाने में अक्टूबर 2012 में शिकायत दी थी। जब तीनों बाप बेटे अरेस्ट हुए तो उन्होंने अपना लाइसेंस रिन्यू कराया था।

डायरेक्टर हुए गिरफ्तार:

पुलिस ने 11 जनवरी 2013 को ग्रुप के डायरेक्टर अनिल गोयल, पुनीत गोयल व अमित गोयल के खिलाफ मामला दर्ज कर 29 जनवरी 2013 को तीनों को अरेस्ट किया। इनके द्वारा लगाई गई जमानत याचिका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद तीनों डायरेक्टर 40 दिन तक जेल में रहे और 8 मार्च 2013 को तीनों को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली है। 10 मई 2013 को इस केस की चार्जशीट कोर्ट में दायर की गई। चार्जशीट में जांच अधिकारी खेड़ीपुल पुलिस चौकी इंचार्ज गुलाम मोहम्मद द्वारा कुछ धाराएं हटाने को लेकर तुलींद्र की तरफ से कोर्ट में 8 जुलाई को एक याचिका दायर की गई थी। इनकी याचिका पर ही जेएमआईसी रीतु यादव की कोर्ट ने जांच अधिकारी गुलाम मोहम्मद को 22 व व 27 जुलाई को जांच अधिकारी को पेश होने के आदेश दिए लेकिन आईओ दोनों बार कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद भी कोर्ट द्वारा कई बार नोटिस भेजा गया था।

और भी है केस दर्ज:

इसके अलावा सेक्टर-29 में रहने वाले विनोद शर्मा ने इस बिल्डर के खिलाफ सितंबर 2012 में धोखाधड़ी का एक केस दर्ज कराया था। दोनों केस कोर्ट में चल रहे हैं। तुलींद्र का कहना है कि बिल्डर ग्रुप द्वारा उनके सहित अन्य निवेशकों को धमकियां भी दी जाती हैं। इसके अलावा काफी शिकायतें ऐसी हैं जिनको टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों को भी दी जा चुकी हैं। अभी तक डिपार्टमेंट की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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Re: FIR against Piyush Group in Faridabad

Postby naveenarichwal » Wed Oct 16, 2013 9:33 am

Fight by Dheeraj ji & company is a Example for all residents in neharpar, as to what unity can Achieve.
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Piyush Heights Licence Forgery: Big Coverage on Dainik Bhaskar

Postby dheerajjain » Sat Nov 09, 2013 1:08 pm

News Coverage by Dainik Bhaskar again on front page of Faridabad Bhaskar on Saturday. Thanks a lot! to Media Community who have been supporting middle class buyers in their fight against injustice and loot.

Source: Dainik Bhaskar, 9 NOV 13

जिले में नहीं हुआ फ्रॉड मामला चंडीगढ़ का

ञ्चकोर्ट ने इस धोखाधड़ी के केस से कई धाराएं हटाने को लेकर किया था जांच अधिकारी को तलब
ञ्चकई तारीख पर पेश नहीं हुआ जांच अधिकारी, कोर्ट ने भेजे थे बेलेबल वारंट


भास्कर न्यूज त्न फरीदाबाद
नहरपार पीयूष बिल्डर ग्रुप (पीयूष हाइट्स) के तीन डायरेक्टरों के मामले में पुलिस ने कोर्ट में जबाव दायर कर दिया है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि धोखाधड़ी चंडीगढ़ में होने के कारण यह मामला चंडीगढ़ पुलिस का बनता है। पीयूष ग्रुप के डायरेक्टर अनिल गोयल द्वारा प्रवीण जैन के फर्जी हस्ताक्षर चंडीगढ़ में किए हैं या कराए जाने का आरोप है। इस आरोप की जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही है। फरीदाबाद में नकली हस्ताक्षर कर लाइसेंस रिन्यू कराने वाली बात सामने नहीं आई है। इसी कारण पुलिस ने कुछ धाराएं मामले से हटा दी थी। इतना ही नहीं पुलिस ने कोर्ट के समक्ष यह भी कहा कि जान से मारने की धमकी की धारा का कोई भी सबूत उन्हें नहीं मिला है। अब कोर्ट इस मामले में 19 नवंबर को सुनवाई करेगी। उधर पुलिस के इस जवाब से पीडि़त पक्ष संतुष्ट नहीं है। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। कोर्ट में जवाब भूपानी थाना प्रभारी ने पेश किया था।

डायरेक्टर हुए थे गिरफ्तार: पुलिस ने 11 जनवरी 2013 को ग्रुप के डायरेक्टर अनिल गोयल, पुनीत गोयल व अमित गोयल के खिलाफ मामला दर्ज कर 29 जनवरी 2013 को तीनों को अरेस्ट कर लिया था। इनके द्वारा लगाई गई जमानत याचिका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद तीनों डायरेक्टर 40 दिन तक जेल में रहे और 8 मार्च 2013 को तीनों को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली है। 10 मई 2013 को इस केस की चार्जशीट कोर्ट में दायर की गई। चार्जशीट में जांच अधिकारी खेड़ीपुल पुलिस चौकी इंचार्ज गुलाम मोहम्मद द्वारा कुछ धाराएं हटाने को लेकर तुलींद्र की तरफ से कोर्ट में 8 जुलाई को एक याचिका दायर की गई थी। इनकी याचिका पर ही जेएमआईसी रितु यादव की कोर्ट ने जांच अधिकारी गुलाम मोहम्मद को 22 व 27 जुलाई को जांच अधिकारी को पेश होने के आदेश दिए, लेकिन आईओ दोनों बार कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद भी कोर्ट द्वारा कई बार नोटिस भेजा गया था।


॥पीयूष ग्रुप का प्रोजेक्ट फरीदाबाद में है और लाइसेंस भी उसी प्रोजेक्ट के लिए लिया गया था। इसलिए यह मामला फरीदाबाद का बनता है। पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती है। वह इस केस को कमजोर करना चाहती है। इसलिए इस मामले को चंडीगढ़ का बता रही है। तुलींद्र, पीडि़त


सेक्टर-33 में रहने वाले तुलींद्र कटोच ने एफआईआर नंबर 009 के तहत 11 जनवरी 2013 को दर्ज मामले में बताया है कि उन्होंने 2006 में सेक्टर-89 स्थित पीयूष हाइट्स ग्रुप में एक फ्लैट 19 लाख 72 हजार रुपए में बुक कराया था। तुलींद्र ने बताया कि इस ग्रुप के डायरेक्टर सेक्टर नौ में रहने वाले अनिल गोयल, इनके बेटे पुनीत गोयल व अमित गोयल हैं। ग्रुप के एक हजार से अधिक फ्लैट और 16 टॉवर हैं। आरोप है कि सैकड़ों लोगों के साथ इस ग्रुप के डायरेक्टरों ने धोखाधड़ी की है। तुलींद्र के अनुसार फ्लैट बुक कराने के बाद इस ग्रुप के डायरेक्टरों ने उनसे ईडीसी (बाह्य विकास शुल्क) के नाम पर अधिक वसूली के नोटिस भेजे जाने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं ओपन पार्किंग को भी बिल्डर ने बेचना शुरू कर दिया। इसके अलावा फ्लैट की जगह के अलावा बिल्डर अवैध निर्माण करने लगे। सबसे गंभीर तथ्य तो यह है कि इस बिल्डर ने कई साल तक अपना लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया। इतना ही नहीं तुलींद्र ने आरोप लगाया कि हरी नगर दिल्ली निवासी प्रवीन कुमार के ग्रुप डायरेक्टर व अन्य ने फर्जी हस्ताक्षर कर लाइसेंस रिन्यू के लिए अप्लाई किया था। इस मामले की शिकायत प्रवीण जैन द्वारा चंडीगढ़ पुलिस को दी जा चुकी है। उन्होंने ग्रुप के तीनों डायरेक्टरों के खिलाफ भूपानी थाने में अक्टूबर 2012 में शिकायत दी थी। जब तीनों पिता-पुत्र अरेस्ट हुए तब जाकर उन्होंने अपना लाइसेंस रिन्यू कराया।
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Bail Cancellation/Extension for Piyush group in High Court today

Postby dheerajjain » Tue Dec 10, 2013 9:50 am

Bail Cancellation/Extension for Piyush group Directors is in High Court today. Let us hope Truth and Justice wins today.
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Re: FIR against Piyush Group in Faridabad

Postby dp2013 » Tue Dec 10, 2013 12:59 pm

Hi Dheeraj,

Awaiting to hear from you on the verdict of this case.
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Re: Bail Cancellation/Extension for Piyush group in High Court today

Postby anojjain » Wed Dec 11, 2013 12:08 pm

dheerajjain wrote:Bail Cancellation/Extension for Piyush group Directors is in High Court today. Let us hope Truth and Justice wins today.


Dear Mr. Deeraj,

What happen to yesterday High court verdict...may truth wins..we crossed our figure and still not paid any painny to builder... waiting for flat.. paying money to bank ...land lord.. income tax....maintenance to builder even not shifted there..
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Re: FIR against Piyush Group in Faridabad

Postby dp2013 » Wed Dec 11, 2013 6:20 pm

Hi Dheeraj,

Any update on the case or was it postponed to another date ? :(
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Re: FIR against Piyush Group in Faridabad

Postby dp2013 » Thu Dec 12, 2013 1:15 pm

Team,

I was going through the case status online and it still shows pending. Last details updated online was October. Has anyone heard what happened in this case? Please update all.
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Piyush Fraud: Court orders Police to Submit Report till 14-01-14

Postby dheerajjain » Tue Jan 07, 2014 6:45 am

Faridabad Court has ordered Police to submit investigation report in Piyush Heights cheating, fraud and forgery case done by Directors of Piyush Group before Jan 14, 14. Fight by Piyush Heights Apartment Allottee Association continues.

Source: Dainik Bhaskar
Date: 06-Jan-14

http://epaper.bhaskar.com/detail.php?id ... map&ch=cph

पुलिस जांच रिपोर्ट 14 जनवरी को पेश करे


पीयूष हाइट्स मामले में कोर्ट ने कहा

भास्कर न्यूज त्न फरीदाबाद
नहरपार पीयूष बिल्डर ग्रुप (पीयूष हाइट्स) के तीन डायरेक्टरों के मामले में जेएमआईसी रितु यादव की कोर्ट ने पुलिस को फरीदाबाद में जांच करने के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं इस मामले में जांच रिपोर्ट 14 जनवरी को कोर्ट में पेश करने को कहा है। उधर भूपानी थाना एसएचओ विकास कुमार इस मामले में बयान देने से बचते रहे। एसएचओ ने कहा इस मामले की जांच इकोनामिक सेल ने की है और सेल के अधिकारी जांच कर रहे हैं। उनकी तरफ से कोई जवाब दायर नहीं किया गया है और न ही वह मामले की जांच कर रहे हैं।

इससे पहले भूपानी थाना पुलिस की तरफ से कोर्ट में जवाब दायर कर यह कहा गया था कि यह मामला चंडीगढ़ का बनता है। पुलिस ने कोर्ट में यह भी कहा था कि धोखाधड़ी चंडीगढ़ में हुई। इतना ही नहीं पीयूष ग्रुप के डायरेक्टर अनिल गोयल द्वारा प्रवीण जैन के फर्जी हस्ताक्षर चंडीगढ़ में किए हैं या कराए जाने का आरोप है। इस आरोप की जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही है। फरीदाबाद में नकली हस्ताक्षर करके लाइसेंस रिन्यू कराने वाली बात सामने नहीं आई है। इसी कारण पुलिस ने कुछ धाराएं मामले से हटा दी थी। इतना ही नहीं पुलिस ने कोर्ट के समक्ष यह भी कहा कि जान से मार देने की धमकी की धारा का कोई भी सबूत उनको नहीं मिला है। पुलिस द्वारा दिए गए जवाब से पीडि़त पक्ष संतुष्ट नहीं था। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया था।

क्या है पूरा मामला

सेक्टर-33 में रहने वाले तुलींद्र कटोच ने एफआईआर नंबर 009 के तहत 11 जनवरी 2013 को दर्ज कराए मामले में बताया है कि उन्होंने 2006 में सेक्टर-89 स्थित पीयूष हाइट्स ग्रुप में एक फ्लैट 19 लाख 72 हजार रुपए में बुक कराया था। तुलींद्र ने बताया कि इस ग्रुप के डायरेक्टर सेक्टर नौ में रहने वाले अनिल गोयल, इनके बेटे पुनीत गोयल व अमित गोयल हैं। ग्रुप के एक हजार से अधिक फ्लैट हैं और 16 टॉवर हैं। आरोप है कि उनके सहित सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिनके साथ इस ग्रुप के डायरेक्टरों ने धोखाधड़ी की है।

तुलींद्र के अनुसार फ्लैट बुक कराने के बाद इस ग्रुप के डायरेक्टरों ने उनसे ईडीसी (बाह्य विकास शुल्क) के नाम पर अधिक वसूली के नोटिस भेजे जाने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं ओपन पार्किंग को भी बिल्डर द्वारा बेचा जाने लगा। इसके अलावा फ्लैट की जगह के अलावा बिल्डर अवैध निर्माण करने लगे। सबसे बड़ी बात तो यह भी कि इस बिल्डर ने कई साल तक अपना लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया। इतना ही नहीं तुलींद्र ने बताया कि हरी नगर दिल्ली निवासी प्रवीन कुमार के अनिल गोयल व अन्य ने फर्जी हस्ताक्षर करके लाइसेंस रिन्यू के लिए अप्लाई किया गया था। इस मामले की शिकायत प्रवीण जैन द्वारा चंडीगढ़ पुलिस को दी जा चुकी है। उन्होंने ग्रुप के तीनों डायरेक्टरों के खिलाफ भूपानी थाने में अक्टूबर 2012 में शिकायत दी थी। जब तीनों बाप बेटे अरेस्ट हुए तो इन्होंने अपना लाइसेंस रिन्यू कराया था। पुलिस ने 11 जनवरी 2013 को ग्रुप के डायरेक्टर अनिल गोयल, पुनीत गोयल व अमित गोयल के खिलाफ मामला दर्ज कर 29 जनवरी 2013 को तीनों को अरेस्ट किया गया। डायरेक्टर 40 दिन तक जेल में रहे और 8 मार्च 2013 को तीनों को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई थी।
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Re: FIR against Piyush Group in Faridabad

Postby csrakesh » Sat Jan 25, 2014 6:36 pm

Hi all,

Piyush group people are simply criminals and law breakers.

i remember, it so happened that i did not know about these "gentlemen" before and consented to work as CS for them. after 15 days, i simply refused to work for them. they falsely implicated me saying that i made myself director in the company. they sent their "bought" muscle men to my house where i used to live on rent. not finding me there, they laid a trap and said that they will clear my dues and called me to their office. there, they had called their muscle men and started quarrel like talk and after 10-15 minutes later, virtually dragged me to their first floor office and beat me before all their staffs. everyone was looking at it. then, under threat, they made me write letters saying that i had done "messing up" with documents.

they were not able to show me the documentary proof that i made myself the director of the company. it was a baseless allegation they could not prove. i had intimidated,threatened me that day. and threatened i was. i did not FIR against them fearing their following, money and people power.

however, i knew for sure that these "gentlemen" who have so much respect for law will be in "this kind of situation" one day.

please fight for your legal rights.
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Re: FIR against Piyush Group in Faridabad

Postby dheerajjain » Fri Apr 25, 2014 10:58 pm

Criminal trials are continuing in Faridabad Court. Today (25-Apr-14), all there owners of Piyush Group i.e. Anil Goel, Amit Goel and Puneet Goel were present in Court as accused in FIR involving cheating, forgery, criminal breach of trust etc. Session Court also admitted our revision petition.
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Piyush Cheating:RTI Application Reply exposes Faridabad Police

Postby dheerajjain » Mon Jun 09, 2014 9:21 pm

There was a good news today at ongoing criminal trials in Faridabad against Piyush Group. Faridabad Police in its Chargesheet had deleted sections related to forgery in FIR against Anil Goel, Puneet Goel and Amit Goel, MD and owners of Piyush Group. But, today at Faridabad trial Court today, our application which was based on RTI reply given by Chandigarh Police was admitted by Magistrate. RTI application clearly exposed Faridabad Police which had maintained in Court repeatedly by filing reports that sections related to forgery are being investigated by Chandigarh Police and hence they can't include that. RTI application revealed the facts that Chandigarh Police had already transferred investigations to Faridabad Police in April 2013 by writing letter to Faridabad Police.Hence, Faridabad Police should have been investigating forgery rather than filing reports to the contrary.

Hats off to RTI Act which reveals facts and exposes lies !
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Re: Piyush Cheating:RTI Application Reply exposes Faridabad Police

Postby binny25 » Tue Jun 10, 2014 6:15 pm

dheerajjain wrote:There was a good news today at ongoing criminal trials in Faridabad against Piyush Group. Faridabad Police in its Chargesheet had deleted sections related to forgery in FIR against Anil Goel, Puneet Goel and Amit Goel, MD and owners of Piyush Group. But, today at Faridabad trial Court today, our application which was based on RTI reply given by Chandigarh Police was admitted by Magistrate. RTI application clearly exposed Faridabad Police which had maintained in Court repeatedly by filing reports that sections related to forgery are being investigated by Chandigarh Police and hence they can't include that. RTI application revealed the facts that Chandigarh Police had already transferred investigations to Faridabad Police in April 2013 by writing letter to Faridabad Police.Hence, Faridabad Police should have been investigating forgery rather than filing reports to the contrary.

Hats off to RTI Act which reveals facts and exposes lies !
good news recently piyush height raised deamnd for floor completion in tower j when i visited the site there was no floor constrcted, i had paid the demand to avoid any late payment charges, now i had written mail but they are not replying why they taken money when work is not completed some one
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Fighting against piyush

Postby aashishsaxena25 » Mon Sep 08, 2014 3:03 pm

i am looking for fighting with piyush height builders pls. let me know how can i do this and how can forum help in this i want to talk to some one pls. let me know whom should i call, pls. mail me number on aashish_saxena25@yahoo.in
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